भारत पुनरुत्थान

भारत - विश्वगुरु 
  

प्राचीन काल से ही भारत विश्व गुरु रहा है क्योंकि इस पावन धरती  को अनेक  ऋषि, मुनियों व् संतो ने इसे इसे अपने तप से संजोया  है । 
भारत की सभ्यता संस्कृति पुरे विश्व से अलग व अनुपम रही जिस कारण भारत को विश्वगुरु माना जाता था । भारत ही एक ऐसा देश है जहां धर्म ,रीती रिवाज आदी को प्रधानता दी गयी है । भारत के लोग धर्म और अपने पवित्र शास्त्रों को ही आधार मानकर ही भगवान में आस्था रखते थे । 
वर्तमान समय में भारत की यह छवि धूमिल हो गयी है भारत गरीबी ,अशिक्षा ,बेरोजगारी जैसी समस्यायों से झूझ रहा है । इसका कारण यह भी हो सकता है कि भारत में जिन  धार्मिक शक्तियों का प्रभाव रहा है वह पूर्णत नष्ट हो चूका है परिणामस्वरूप मानव समाज नास्तिकता की और अग्रसर हो रहा है ।
  परन्तु सभी भविष्यवक्ताओ ने एक भविष्य वाणियां की है कि भारत फिर से विश्व गुरु बनेगा ।

कुछ भवियवाणियां 👇
👉 नास्त्रेदमस ने कहा था स्वतंत्रता के चार वर्ष बाद 1951 में भारत में एक महान संत का जन्म होगा जो विश्व को नए ज्ञान से परिचित कराएगा। 8 सितंबर 1951 को संत रामपालजी महाराज का जन्म हुआ, ये भविष्यवाणी उन्हीं के लिए हुई है।

👉भविष्यवक्ता ‘‘श्री वेजीलेटिन’’ के अनुसार भारत से उत्पन्न हुई शांति भ्रातृत्व भाव पर आधारित नई सभ्यता, संसार में-देश, प्रांत और जाति की सीमायें तोड़कर विश्वभर में अमन व चैन उत्पन्न करेगी।

👉अमेरिका के ‘‘श्री एण्डरसन’’ के अनुसार 20 वीं सदी के अन्त से पहले या 21वीं सदी के प्रथम दशक में विश्व में असभ्यता का नंगा तांडव होगा। इस बीच भारत के एक देहात का एक धार्मिक व्यक्ति, एक मानव, एक भाषा और झण्डा की रूपरेखा का संविधान बनाकर संसार को सदाचार, उदारता, मानवीय सेवा व प्यार का सबक देगा। यह मसीहा सन् 1999 तक विश्व में आगे आने वाले हजारों वर्षों के लिए धर्म व सुख-शांति भर देगा।

👉हॉलैण्ड के भविष्यदृष्टा ‘‘श्री गेरार्ड क्राइसे’’ के अनुसार भारत का एक महापुरूष सम्पूर्ण विश्व को मानवता के एक सूत्र में बांध देगा व हिंसा, फूट-दुराचार, कपट आदि संसार से सदा के लिए मिटा देगा।

👉मथुरा वाले बाबा जयगुरूदेव (तुलसीदास) द्वारा सन् 7 सितम्बर 1971 में एक भविष्यवाणी
"वह अवतार जिसकी लोग प्रतिक्षा कर रहै है वह 20 वर्ष का हो चुका है। 8 सितम्बर 1971 में सतगुरु रामपाल जी महाराज जी पूरे 20 वर्ष के हो गए थे। वही पूर्ण संत हैं, ये भविष्यवाणी उन्हीं पर सटीक बैठती है।

👉नार्वे के श्री आनन्दाचार्य की भविष्यवाणी के अनुसार, सन् 1998 के बाद एक शक्तिशाली धार्मिक संस्था भारत में प्रकाश में आवेगी, जिसके स्वामी एक गृहस्थ व्यक्ति की आचार संहिता का पालन सम्पूर्ण विश्व करेगा। धीरे-धीरे भारत औद्योगिक, धार्मिक और आर्थिक दृष्टि से विश्व का नेतृत्व करेगा।

👉संत रविदास जी की वाणी है
सभी तरफ संगीन लड़ाई, घाटे में होंगे ईसाई।
इटली में कोहराम मचेगा, लन्दन सागर में डूबेगा।
👉संत रविदास जी की वाणी
भारत होगा विश्व विजेता, भारत होगा विश्व का नेता।
दुनिया का कार्यालय होगा, भारत मे न्यायालय होगा ।
तब सतयुग दर्शन आवेगा, संत राज सुख बरसायेगा ।
सहंस वर्ष तक सतयुग लागे, विश्व गुरु बन भारत जागे ।

अधिक जानकारी के लिए अवश्य देखिए- साधना चैनल प्रतिदिन 7:30 PM से!

ईश्वर TV प्रतिदिन 8:30 PM से!
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